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पहले तीन महीने
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° शीतल सचदेवा कहती हैं कि पहली तिमाही में आप किसी à¤à¥€ पोजीशन में सो सकती हैं। इन महीनों में आप इस समय सीधी लेट सकती हैं, करवट ले सकती हैं और पेट के बल à¤à¥€ सो सकती हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि अà¤à¥€ à¤à¥à¤°à¥‚ण पà¥â€à¤¯à¥‚बिक मोड में होता है जिससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पर सीधा दबाव नहीं पड़ता है। इसलिठपहले तीन महीनों में आप किसी à¤à¥€ पोजीशन में सो सकती हैं।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° शीतल सचदेवा का कहना है कि कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में महिलाओं को पेट के बल सोने की सलाह दी जाती है। जब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का साइज बढ़ने पर मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पड़ता है, तब पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को पेशाब करने में दिकà¥â€à¤•त होती है या पेशाब रूक जाता है। इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में गायनेकोलॉजिसà¥à¤Ÿ कà¥à¤› देर के लिठपेट के बल लेटने की सलाह देती हैं।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही
चौथे महीने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का पेट के बल सोना सही नहीं होता है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° शीतल सचदेवा बताती हैं कि शिशॠजिस यूटà¥à¤°à¤¸ में होता है, उस यूटà¥à¤°à¤¸ का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पीछे की à¤à¤• रकà¥â€à¤¤ वाहिका पर पड़ता है जो कि शरीर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ से हारà¥à¤Ÿ तक खून को पहà¥à¤‚चाती है।
इस रकà¥â€à¤¤ वाहिका को आईवीसी कहते हैं। सीधा लेटने पर यूटà¥à¤°à¤¸ आईवीसी के ऊपर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° डालता है। हो सकता है कि इसके कारण सीधा लेटने पर आपको सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त हो या फिर आपको à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस हो। इस वजह से आपको चौथे महीने के बाद से पीठके बल सोना बंद कर देना चाहिà¤à¥¤ इस समय सीधे लेटने की वजह से à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ वगैरह à¤à¥€ हो सकती है।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में किस पोजीशन में सोना चाहिà¤
अब डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° शीतल सचदेवा से जानेंगे कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में किस पोजीशन में सोना चाहिà¤à¥¤
टांगों को मोड़कर या सीधा रखते हà¥à¤ करवट लेकर लेटें और टांगों के बीच में तकिया लगाकर रखें। दाईं या बाईं करवट सो सकती हैं, दोनों ही पोजीशन में शिशॠको बà¥â€à¤²à¤¡ सपà¥â€à¤²à¤¾à¤ˆ अचà¥â€à¤›à¥€ मिलती है।
दूसरी सेफ पोजीशन है कि आप कमर और छाती के नीचे तकिया लगाकर लेटें। इससे शरीर को आराम मिलेगा और नींद आने में à¤à¥€ आसानी होगी। अगर आपको सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त हो रही है तो आप सिर ऊंचा कर के सो सकती हैं। अगर कोई परेशानी नहीं है कि सिर के नीचे à¤à¤• से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तकिठलगाकर सो सकती हैं।
यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के पैरों में सूजन हो रही है, तो आप पैरों के नीचे तकिया लगाकर सो सकती हैं।
अगर आप रात को गलती से पेट या पीठके बल सो जाती हैं, तो इससे आपके शिशॠको कोई नà¥à¤•सान नहीं होगा। आप उठकर फिर करवट लेकर या किसी आरामदायक पोजीशन में सो जाà¤à¤‚।
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